काश प्यार भी

काश प्यार भी निकाह जैसा होता…….तीन बार प्यार प्यार प्यार कहकर तेरे हो जाते…..

वो रोई तो जरूर

वो रोई तो जरूर होगी खाली कागज़ देखकर, ज़िन्दगी कैसी बीत रही है पूछा था उसने ख़त में..

वो जो अँधेरो में

वो जो अँधेरो में भी नज़र आए ऐसा साया बनो किसी का तुम|

मोहब्बत के रास्ते

मोहब्बत के रास्ते कितने भी मखमली क्युँ न हो… खत्म तन्हाई के खंडहरों में ही होते है…!!

रात भर गहरी नींद

रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं… उसके लिए दिन भर “ईमानदारी” से जीना पड़ता हैं….!!!

खुदगर्ज़ बना देती है

खुदगर्ज़ बना देती है तलब की शिद्दत भी,, प्यासे को कोई दूसरा प्यासा नहीं लगता..।।

तुम आ जाओ

तुम आ जाओ मेरी कलम की स्याही बनकर मैं तुम्हें अपनी ज़िन्दगी के हर पन्ने में उतार दू|

इश्क़ के क़ाबिल

हम ही उस के इश्क़ के क़ाबिल न थे क्यूँ किसी ज़ालिम का शिकवा कीजिए |

रात भर चलती रहती है

रात भर चलती रहती है उँगलियाँ मोबाइल पर, किताब सीने पे रखकर सोये हुए एक जमाना हो गया|

जिन्दगी ने दिया सब कुछ

जिन्दगी ने दिया सब कुछ पर वफा ना दी जख्म दिये सब ने पर किसी ने दवा ना दी हमने तो सब को अपना माना पर किसी ने हमे अपनो में जगह ना दी|

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