न कोई फिकर

न कोई फिकर, न कोई चाह हम तो बड़े बेपरवाह है उम्र फकीराना गुजरी है हम तो ऐसे शहंसाह है|

कितना अच्छा लगता है

कितना अच्छा लगता है ना जब मोहब्बत में कोई कहे…. क्यूँ करते हो किसी और से बात मैं काफी नहीं आपके लिए…?

हम पागल अच्छे है

हम पागल अच्छे है दुनियाँ के समझदार लोगों से.. हम अपने ख्वाब जरुर तोड़ते है पर किसी का दिल नही..

होती नहीं है

होती नहीं है मोहब्बत सूरत से, मोहब्बत तो दिल से होती है, सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी, कदर जिनकी दिल में होती है|

तुझे हक है

तुझे हक है, अपनी दुनिया में खुश रहने का, मेरा क्या है, मेरी तो दुनिया ही तु है..

न जाने क्यों

न जाने क्यों लोग अपना बना के सज़ा देते है, जिंदगी छीन के… ज़िन्दगी की दुआ देते है|

मतलब बड़े भारी होते है

मतलब बड़े भारी होते है, निकलते ही, रिश्तों का वज़न कम कर देते है..

अच्छे विचारों का अस

अच्छे विचारों का असर आजकल इसलिए नहीं होता क्योंकि लिखने और पढ़ने वाले दोनों यह समझते है कि ये दूसरों के लिए है !

ज़िन्दगी दो पल की

ज़िन्दगी दो पल की तो क्यों ना इसे इस तरह जिया जाये की जो भी मिले उसे ख़ुशी और बिछड़ने वाले के दिल में याद बन कर रह जाये |

मैंने दरवाज़े पे

मैंने दरवाज़े पे ताला भी लगा कर देखा है, ग़म फिर भी समझ जाते है की मैं घर में हूँ !!

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