इश्क़ का कैदी बनने का अलग ही मज़ा है, छुटने को दिल नहीं करता और उलझने में मज़ा आता है।।
Tag: प्यारी शायरी
अकेले कैसे रहा जाता है
अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी ज़िन्दगी में आते हैं।।
है कोई वकील
है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको।।
तडप तो कुछ भी नहीं है
मेरी तडप तो कुछ भी नहीं है , सुना है उसके दीदार को तो आईने भी तरसते है ।
मैं इस काबिल तो नही
मैं इस काबिल तो नही ,कि कोई अपना समझे… पर इतना यकीन है… कोई अफसोस जरूर करेगा;मुझे खो देने के बाद !!
लगने दो आज महफ़िल
लगने दो आज महफ़िल, चलो आज शायरी की जुबां बहते हैं . तुम उठा लाओ “ग़ालिब” की किताब,हम अपना हाल-ए-दिल कहते हैं.|
लत एसी लगी है
लत एसी लगी है की तेरा नशा मुझसे छोड़ा नहीं जाता, अब तो हकीमों का कहना है की एक बूंद इश्क भी जानलेवा होगा !!
अजीब पहेलियां है
अजीब पहेलियां है हाथो की लकीरों में, सफर लिखा है मगर हमसफर नहीं लिखा !!
खफ़ा रहने का शौक
खफ़ा रहने का शौक भी पूरा कर लो तुम, लगता है तुम्हें हम ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते !!
उसकी ज़िंदगी में
उसकी ज़िंदगी में थोड़ी सी जगह माँगी थी मुसाफिरों की तरह, उसने तन्हाईयों का एक शहर मेरे नाम कर दिया।