सज़दे कीजिये या माँगिये

सज़दे कीजिये या माँगिये दुआयें, जो आपका है ही नही वो आपका होगा भी नही…!!

ताल्लुकात बढ़ाने हैं

ताल्लुकात बढ़ाने हैं तो कुछ आदतें बुरी सीख लो.. ऐब न हों.. तो लोग महफ़िलों में नहीं बुलाते

चेहरे को आज तक

चेहरे को आज तक भी तेरा इंतज़ार है.! हमने गुलाल और को मलने नहीं दिया..!!

ये जानते भी तुम हो

क्यों तुले हो जान लेने को, जबकि जान भी तुम हो, और ये जानते भी तुम हो….

भूलना होता तो भुला देते

तुमको भूलना होता तो भुला देते …… तुम मुहब्बती इश्क हो मतलबी इश्क नही …..!!!

अपनी तन्हाई की फिक्र

अपनी तन्हाई की फिक्र करूँ या, तेरी उदासी की….!मेरे बिना तेरा भी तो दिल, ना लग रहा होगा…..!!

अब राह मत तकना

मेरी अब राह मत तकना कभी ऐ आसमां वालो,, मैं इक चिड़िया की आँखों में, उड़ाने भूल आया हूँ

टुट गया वो दिल

बहुत खामोशी सै टुट गया वो दिल जो तुम्हें लेकर बहुत शोर मचाया करता था

अभी तक शौक है

हसीन आँखों को पढ़ने का अभी तक शौक है मुझको,… मुहब्बत में उजड़ कर भी मेरी ये आदत नहीं बदली…

उसकी जरूरत उसका इंतजार

उसकी जरूरत उसका इंतजार और ये तन्हा आलम, थक कर मुस्कुरा देते है हम जब रो नहीं पाते…!!

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