जिस दिन तुम्हारी याद मुझ पर हावी होती है

जिस दिन तुम्हारी याद मुझ पर हावी होती है । न जाने क्यों वह रात बड़ी देर से गुजरती है !!

लकीरे है तो रहने दो

लकीरे है तो रहने दो किसी ने रूठ कर गुस्से में शायद खीच दी थी, इन्ही को अब बनायो पाला और आयो कबड़ी खेलते है,

उनकी ही बज्म सही पै कहाँ का है दस्तूर

उनकी ही बज्म सही पै कहाँ का है दस्तूर.. इधर को देखना, देना उधर को पैमाने..!

यह दमकता हुआ चेहरा

“यह दमकता हुआ चेहरा, यह नशीली आंखें.. चाँदनी रात में मैखाना खुला हो जैसे..!”

હમેશા હસતા વ્યક્તિ નું ખિસ્સું પણ

હમેશા હસતા વ્યક્તિ નું ખિસ્સું પણ કોઈ દિવસ તપાસ જો કદાચ એમાં થી પણ રૂમાલ ભીના મળે !!

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