जिस दिन सादगी, श्रुंगार हो जाएगी…उस दिन, आईनों की हार हो जाएगी..!
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उम्र एक तल्ख़
उम्र एक तल्ख़ हकीकत हैं दोस्तों फिर भी जितने तुम बदले हो उतना नहीं बदला जाता|
जिस दिन सादगी
जिस दिन सादगी, श्रुंगार हो जाएगी… उस दिन, आईनों की हार हो जाएगी..!!
शख्सियत अच्छी होगी
शख्सियत अच्छी होगी ! तभी दुश्मन बनेगे , वरना बुरे की तरफ , देखता ही कौन हैं !! पत्थर भी उसी पेड़ पर फेंके जाते हैं, जो फलों से लदा होता है , देखा है किसी को सूखे पेड पर पत्थर फेंकते हुए|
परखता रहा उम्र भर
परखता रहा उम्र भर, ताकत दवाओं की, दंग रह गया देख कर, ताकत दुआओं की!!
जलता रहा चिराग
जलता रहा चिराग तेरे इंतजार मे तुम आये भी तो हवा बनकर|
इतनी सी बदली है
तारीख हज़ार साल में बस इतनी सी बदली है,… तब दौर पत्थर का था अब लोग पत्थर के हैं|
वक्त से पूछ कर
वक्त से पूछ कर बताना जरा, जख्म क्या वाकई भर जाते हैं..!
हम हो गए तुम्हारे
हम हो गए तुम्हारे, तुम्हें सोचने के बाद; अब न देखेंगे किसी को, तुम्हें देखने के बाद दुनिया छोड़ देंगे, तुम्हें छोड़ने के बाद;खुदा! माफ़ करे इतने झूठ बोलने के बाद!
किसी से जुदा होना
किसी से जुदा होना अगर इतना आसान होता , तो…. जिस्म से रूह को लेंने कभी फरिस्ते ना आते !!