महकीं हुई रात

आज फिर चाँद की पेशानी से उठता है धुआँ आज फिर महकीं हुई रात में जलना होगा ।

अच्छा बनने की हसरत

अच्छा बनने की हसरत सी जागी है मुझमें मेरे मालिक, जबसे सुना है आप अच्छे लोगो को जल्दी बुला लेते हो.

दूर ना कर मुझे

अपनी नज़दीकियों से दूर ना कर मुझे…,। मेरे पास जीने की वजहें बहुत कम है…।

कितने अजब रंग

कितने अजब रंग समेटे है ये बेमौसम बारिश ने… अमीर पकौड़े खाने की सोच रहा है तो किसान जहर.

रात बाक़ी थी

रात बाक़ी थी जब वो बिछड़े थे कट गई उम्र रात बाक़ी है|

दिल का तो सिर्फ नाम

दिल का तो सिर्फ नाम लिया जाता हैं जनाब वरना पैसा ना हो तो मोहब्बत मत करना बेवजह ज़लील हो जाओगे …

अब जो रूठे तो

याद रखना अब जो रूठे तो हार जाओगे हम मनाने का हुनर भुला बैठे है..

वो मेरी हर दुआ में

वो मेरी हर दुआ में शामिल था जो किसी और को बिन मांगे मिल गया|

सारी दुनिया का हुस्न

सारी दुनिया का हुस्न देख लिया तुम आज भी लाजवाब लगती हो..!

उल्टी पड़ी है

उल्टी पड़ी है, कश्तीयाँ रेत पर मेरी…!! कोई ले गया है, दिल से समंदर निकाल कर…!!

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