मैं दाने डालता हूँ ख्यालों के…… लफ्ज़ कबूतर से चले आते हैं….
Category: मौसम शायरी
जिंदगी की राहों में
जिंदगी की राहों में मुस्कराते रहो हमेशा ! क्योंकि, उदास दिलों को हमदर्द तो मिलते हैं, पर, हमसफ़र नहीं !
मैं एक ताज़ा कहानी
मैं एक ताज़ा कहानी लिख रहा हूँ,मगर यादें पुरानी लिख रहा हूँ …
एक पहचानें कदमों की
एक पहचानें कदमों की आहट फिर से लौट रही है, उलझन में हूँ जिंदगी मुस्कराती हुई क्यूँ रूबरू हो रही है…
हर रोज़ दरवाजे
हर रोज़ दरवाजे के नीचे से सरक कर आती है सारे जहान की ख़बरें… एक तेरा हाल ही जानना इतना मुश्किल क्यूं है…
रूह तो जिसकी थी
रूह तो जिसकी थी वो ले गया,जिस्म के दावेदार यहाँ हज़ारों हैं!
ज़हर लगते हो
ज़हर लगते हो तुम मुझे जी करता है खा कर मर जाऊँ!
यादों की हवा
यादों की हवा चल रही है शायद आँसुओं की बरसात होगी!
आप हमें समझते है ……
हम वो नहीं जो आप हमें समझते है …… हम वो है जो आप समझ ही नहीं पाते है …….
मैं पेड़ हूं
मैं पेड़ हूं हर रोज़ गिरते हैं पत्ते मेरे ,फिर भी हवाओं से,, बदलते नहीं रिश्ते मेरे