मसरुफ रहने का अंदाज

मसरुफ रहने का अंदाज आपको तन्हा ना कर दे, रिश्ते फुरसत के नही, तवज्जो के मोहताज़ होते हैं ….

हम ने कब माँगा है

हम ने कब माँगा है तुम से अपनी वफ़ाओं का सिला बस दर्द देते रहा करो मोहब्बत बढ़ती जाएगी

गिनती में ज़रा

गिनती में ज़रा कमज़ोर हुं … ज़ख्म बेहिसाब ना दिया करो …!!!

सच बोलता हूँ

सच बोलता हूँ तो टूट जाते हैं रिश्ते, झूठ कहता हूँ तो खुद टूट जाता हूँ…

दिल को इसी फ़रेब में

दिल को इसी फ़रेब में रखा है उम्रभर इस इम्तिहां के बाद कोई इम्तिहां नहीं !!!

कुछ ना कर

कुछ ना कर सकोगे मेरा मुझसे दुश्मनी करके, मोहब्बत कर लो मुझसे अगर मुझे मिटाना ही चाहते हो तो…

तू पँख ले ले

तू पँख ले ले, मुझे सिर्फ हौसला दे दे । फिर आँधियों को मेरा नाम और पता दे दे|

न सब बेखबर हैं

न सब बेखबर हैं,न होशियार सब, ग़रज़ के मुताबिक हैं,किरदार सब…

कोई तो बात हैं

कोई तो बात हैं तेरे दिल मे जो इतनी गहरी हैं कि तेरी हँसी तेरी आँखों तक नहीं पहुँचती|

ख्वाइशओ के सिलसिले

अजीब है ख्वाइशओ के सिलसिले भी… नसीब से समझोता किए बैठे है…!!

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