कुछ इस तरह लिपटा पड़ा है; तेरा साया मुझसे, सवेरा है फ़िर भी,मैं अब तक रात के आग़ोश में गुम हूँ.
Tag: प्यारी शायरी
कोई खो के मिल गया
कोई खो के मिल गया तो कोई मिल के खो गया… ज़िंदगी हम को बस ऐसे ही आज़माती रही …!!
मेरी एक छोटी सी
मेरी एक छोटी सी बात मान लो, लंबा सफर है हाथ थाम लो…
बेजुबाँ महफिल में
बेजुबाँ महफिल में शोर होने लगा, ना जाने कौन पढ़ गया खामोशी मेरी !!
हमको ख़ुशी मिल भी गई
हमको ख़ुशी मिल भी गई तो कहा रखेगे हम आँखों में हसरतें है तो दिल में किसी का गम|
खुबसूरत क्या कह दिया उनको
खुबसूरत क्या कह दिया उनको, के वो हमको छोड़कर शीशे के हो गए तराशा नहीं था तो पत्थर थे, तराश दिया तो खुदा हो गए|
अपनी चाहतों का हिसाब
मैं अपनी चाहतों का हिसाब करने जो बेठ जाऊ तुम तो सिर्फ मेरा याद करना भी ना लोटा सकोगे …
जिन्दगी बैठी थी
जिन्दगी बैठी थी अपने हुस्न पै फूली हुई, मौत ने आते ही सारा रंग फीका कर दिया………
हँस तो रहा हूँ
मैं खुल के हँस तो रहा हूँ फ़क़ीर होते हुए. वो मुस्कुरा भी न पाया अमीर होते हुए..
उसकी जीत से
उसकी जीत से होती हे ख़ुशी मुझको….! यही जवाब मेरे पास अपनी हार का था …