अक्ल के पास खबर के सिवा कुछ भी नही । तेरा इलाज नजर के सिवा कुछ भी नही।
Category: दर्द शायरी
तुझे हम भी हर पल यूँ
ऐ जिंदगी, तुझे हम भी हर पल यूँ सताएं तो क्या तमाशा हो जो तुझ से कर के हर वादा यूँ न निभाएं तो क्या तमाशा हो जो हम भी हर बात पर यूँ एहसान जताएं तो क्या तमाशा हो जो कभी हमारे दिल तक न पहुँचे तेरी सदाएं तो क्या तमाशा हो जो हम… Continue reading तुझे हम भी हर पल यूँ
बड़ी हसरत से
बड़ी हसरत से सर पटक पटक के गुजर गई, कल शाम मेरे शहर से आंधी, वो पेड़ आज भी मुस्कुरा रहें हैं, जिन में हुनर था थोडा झुक जाने का ।।।
डाल दिया नावों ने
डाल दिया नावों ने डेरा किनारे कन्दील पानी में रात जलती रही |
इश्क़ नाजुक है
इश्क़ नाजुक है बहुत अक्ल का बोझ उठा नहीं सकता|
दिल बहलाने का एक तरीक़ा
ये शायरी भी दिल बहलाने का एक तरीक़ा है साहब जिसे हम पा नही सकते उसे अल्फ़ाज़ो में जी लेते है|
ज़िन्दगी जब चुप सी
ज़िन्दगी जब चुप सी रहती है मेरे खामोश सवालो पर तब दिल की जुबाँ स्याही से पन्नें सजाती है
ये जान भी निकलेगी
ये जान भी निकलेगी थोड़ा इंतज़ार तो कर तेरे इश्क़ ने मारा है बचूँगा नहीं|
सोचना ज़रूरी है
सोचिये, सोचना ज़रूरी है आग को भी हवा ज़रूरी है दो जुदा रास्ते बुलाते हैं और इक फ़ैसला ज़रूरी है अपने हालात क्या कहे दुनिया बस ये जानो- दुआ ज़रूरी है|
अब ये न पूछना की
अब ये न पूछना की.. ये अल्फ़ाज़ कहाँ सेलाता हूँ, कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपनी सुनाता हूँ|