कभी तुमने हँसाया है कभी तुमने रुलाया है,
मग़र हर बार तुमने ही मुझे दिल से लगाया है।
नहीं कोई ग़िला तुमसे नहीं कोई शिक़ायत है,
तुम्हीं ने रातभर जगके मुझे सुख से सुलाया है।।
Dil ke jazbaati lafzon ki ek mehfil ! | दिल के जज्बाती लफ्जो की एक महफ़िल !
कभी तुमने हँसाया है कभी तुमने रुलाया है,
मग़र हर बार तुमने ही मुझे दिल से लगाया है।
नहीं कोई ग़िला तुमसे नहीं कोई शिक़ायत है,
तुम्हीं ने रातभर जगके मुझे सुख से सुलाया है।।