आँखोँ के परदे भी

आँखोँ के परदे भी नम हो गए बातोँ के सिलसिले भी कम हो गए. . .
पता नही गलती किसकी है वक्त बुरा है या बुरे हम हो गए. .

बङा फर्क है

बङा फर्क है,तेरी और मेरी मोहब्बत में..!
तू परखता रहा और हमने यकीन में एक उम्र गुजार दी..!!

कभी जिंदगी न मिले

करनी है खुदा से गुजारिश तेरी दोस्ती के सिवा कोई बंदगी न मिले

हर जनम में मिले दोस्त तेरे जैसा या फिर कभी जिंदगी न मिले !!