वो किसी का

एहसान वो किसी का लेते नहीं, मेरा भी चुका दिया, जितना भी खाया था नमक, मेरे ज़ख्मो पे लगा दिया…!!

कोई नष्ट नहीं कर सकता

लोहे को कोई नष्ट नहीं कर सकता, बस उसका जंग उसे नष्ट करता है। इसी तरह आदमी को भी कोई और नहीं बल्कि उसकी नकारात्मक सोच ही नष्ट करती है।

हजारों जख्म है

नमक तुम हाथ में लेकर, सितमगर सोचते क्या हो, हजारों जख्म है दिल पर, जहाँ चाहो छिड़क डालो..

किसी और से

तुम किसी और से मालूम तो करके देखो,.. हम किसी ओर के कितने है और तुम्हारे कितने!!!

दिन जो गुज़रे

वो दिन जो गुज़रे तेरे साथ.. काश ज़िन्दगी उतनी ही होती.!! मुझें छोड़कर वो खुश हैं …तो शिकायत कैसी, अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो मोहब्बत कैसी ?

दो अक्षर की मौत

दो अक्षर की मौत और तीन अक्षर के जीवन में, ढाई अक्षर का दोस्त हमेंशा बाजी मार जाता है…….।

प्रीत बँधती नहीं किसी

प्रीत बँधती नहीं किसी परिधि से,जिस्म कुछ नहीं, रूह से रूह के रिश्ते , कमाल बनते हैं,

Dil Toot Jata Hai

Dil Toot Jata Hai Par Khanak Nahi Hoti , Har Dhadkan Roti Hai Par Palak Nahi Roti, Mohabbat Naam Hai Khuda Kee Bandagi Ka, Jo Sharton Pe Mile Woh Mohbbat Nahi Hoti!

कैसे बुरा कह दूँ

कैसे बुरा कह दूँ मैं तेरी बेवफ़ाई को,. यही तो है जिसने मुझे मशहूर किया है!

आँधियों को ज़िद्द है

आँधियों को ज़िद्द है जहाँ बिजलियाँ गिराने की, मुझे भी ज़िद्द है वही आशियाँ बसाने की, हिम्मत और हौंसले बुलंद हैं, खड़ा हूँ अभी गिरा नहीं हूँ, अभी जंग बाकी है और मैं भी अभी हारा नहीं हूँ !!

Exit mobile version