सफ़र जितने भी थे

सफ़र जितने भी थे सब यादगार रहे …!! कमी रही तो सिर्फ हमसफ़र की …!!

रोते हुए दिल की

रोते हुए दिल की कहानी मत पूछो, कभी इश्क़ करना किरदार बन जाओगे।

लोग कहते है

लोग कहते है दुआ क़ुबूल होने का भी वक़्त होता है, हैरान हूँ मैं किस वक़्त मैंने तुझे नही

दर्द कहां मोहताज़ होता है

दर्द कहां मोहताज़ होता है शब्दों का. बस दो आंसू ही काफ़ी है, बयां करने को…..!!

ये जो खामोश से

ये जो खामोश से अल्फ़ाज़ लिखे है ना, पढ़ना कभी ध्यान से, चीखते कमाल के है…

इश्क था इसलिए

इश्क था इसलिए सिर्फ तुझ से किया….!!! फ़रेब होता तो सबसे किया होता…!!!

तुम्हारी याद ऐसे महफूज़ है

तुम्हारी याद ऐसे महफूज़ है मेरे दिल मे, . जैसे किसी गरीब ने रकम रक्खी हो तिजोरी में.!!

ज़िन्दगी में तन्हा हुँ

ज़िन्दगी में तन्हा हुँ तो क्या हुआ, जनाजे में सारा शहर होगा देख लेना…

काश की कहीं इश्क़ के

काश की कहीं इश्क़ के भी पकोड़े होते हम भी शिद्दत की चटनी के चटोरे होते|

अभी रूप का

अभी रूप का एक सागर हो तुम.. कमल जितने चाहोगी खिल जायेंगे|