तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो,शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो…
Tag: Pyari Shayari
दर्द ओर आसूं
मुहब्बत कितनी सच्ची क्यों न हो
एक दिन दर्द ओर आसूं जरुर देती है।
तेरा ये बार बार रूठ जाना..
तेरा ये बार बार रूठ जाना..
कसम से दिल न दिया होता , तो तेरी जान ले लेते..!!
इश्क़ बुझ चुका है
इश्क़ बुझ चुका है,
क्यूंकि हम ज़ल चुके हैं|
हवा बन कर बिखरने से
हवा बन कर बिखरने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है;
मेरे जीने या मरने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है;
उसे तो अपनी खुशियों से;
ज़रा भी फुर्सत नहीं मिलती;
मेरे ग़म के उभरने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है;
उस शख्स की यादों में;
मैं चाहे रोते रहूँ लेकिन;
मेरे ऐसा करने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है।
आपने नज़र से नज़र
आपने नज़र से नज़र कब मिला दी,
हमारी ज़िन्दगी झूमकर मुस्कुरा दी,
जुबां से तो हम कुछ भी न कह सके,
पर निगाहों ने दिल की कहानी सुना दी.
हजारों चेहरों में
हजारों चेहरों में,एक तुम ही थे जिस पर हम मर मिटे वरना.. ना चाहतों की कमी थी,और ना चाहने वालों की…!!
जिसको मौका मिलता है
जिसको मौका मिलता है पीता ज़रूर है,
ना जाने क्या मिठास है गरीब के खून मेँ…!
उसे नष्ट करता है
बहुत सुन्दर सन्देश लोहे को कोई नष्ट नहीं कर सकता बस उसका जंग….. उसे नष्ट करता है,
इसी तरह आदमी को भी कोई और नहीं बल्कि उसकी सोच….. ही नष्ट कर सकती है!!
सोच अच्छी रखो,
निश्चित अच्छा …… ही होगा
तू छोड़ रहा है तो
तू छोड़ रहा है तो इसमें तेरी ख़ता क्या हर शख़्स मेरा साथ निभा भी नहीं सकता !!