सफ़र जितने भी थे

सफ़र जितने भी थे सब यादगार रहे …!! कमी रही तो सिर्फ हमसफ़र की …!!

रोते हुए दिल की

रोते हुए दिल की कहानी मत पूछो, कभी इश्क़ करना किरदार बन जाओगे।

लोग कहते है

लोग कहते है दुआ क़ुबूल होने का भी वक़्त होता है, हैरान हूँ मैं किस वक़्त मैंने तुझे नही

ये जो खामोश से

ये जो खामोश से अल्फ़ाज़ लिखे है ना, पढ़ना कभी ध्यान से, चीखते कमाल के है…

ज़िन्दगी में तन्हा हुँ

ज़िन्दगी में तन्हा हुँ तो क्या हुआ, जनाजे में सारा शहर होगा देख लेना…

काश की कहीं इश्क़ के

काश की कहीं इश्क़ के भी पकोड़े होते हम भी शिद्दत की चटनी के चटोरे होते|

एक बार देख था

एक बार देख था उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए बस! इतनी सी हक़ीकत है,बाकी सब कहानियाँ है..!!

इन सूखे हुए लबों पर

इन सूखे हुए लबों पर कई अनकही बारिशें हैं.. तुम छू लेना इन्हें और बादलों में रिहा कर देना..

आलमारी मैं बंद रखा जाता है

आलमारी मैं बंद रखा जाता है कभी पहना नहीं जाता हाल अपना भी अब बेवा के जेवर जैंसा हो गया है|

नजरे छुपाकर क्या मिलेगा…

नजरे छुपाकर क्या मिलेगा… नजरे मिलाओ,शायद हम मिल जाये