चाहतों ने किया

चाहतों ने किया मुझ पे ऐसा असर;
जहाँ देखूं मैं देखूं तुझे हमसफ़र;
मेरी खामोशियाँ भी जुबान बन गयी;
मेरी बेचैनियां इश्क़ की दास्तान बन गयी।

उसके चेहरे पर

उसके चेहरे पर इस क़दर नूर था;
कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था;
बेवफा भी नहीं कह सकते उसको ज़ालिम;
प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था।

मेरी रूह में

मेरी रूह में न समाती तो भूल जाता तुम्हे,
तुम इतना पास न आती तो भूल जाता तुम्हे,
यह कहते हुए मेरा ताल्लुक नहीं तुमसे कोई,
आँखों में आंसू न आते तो भूल जाता तुम्हे|

बदलना आता नहीं

बदलना आता नहीं हमे मौसम की तरह,
हर इक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैं,
ना तुम समझ सकोगे जिसे क़यामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हे हम इतना प्यार करते हैं|

हर मायूस को

हर मायूस को हँसाने का
कारोबार है अपना….

दिलों का दर्द खरीद लेते है
बस यही रोजगार है अपना…..!!!