अब पता चला

अब पता चला…
आसमान बरस नहीं…
रो रहा था…
वो जानता था…
एक फरिश्ता आज…
हमेशा के लिए…
सो रहा था…

एक छोटा सा रास्ता भी मुश्किल

“एक छोटा सा रास्ता भी मुश्किल महसूस होता है,
जब कोई साथ चलने वाला ना हो…

लेकिन कभी एक बड़ा और मुश्किल रास्ता भी चार कदमो में सिमट जाता है,

जब
.
..

कुत्ता? पीछे लगा हो…..!

“हमेशा इमोशनल मेसेज की अपेक्षा ना किया करो… कभी हँस भी लिया करो…”

जी नही चाहता कि

जी नही चाहता कि ,
नेट बंद करू !!
अच्छी चलती दूकान का ,
गेट बंद करू !!
हर पल छोटे – बड़े ,
प्यारे-प्यारे मैसेज ,
आते है !!
कोई हंसाते है ,
कोई रूलाते है !!
रोजाना हजारों ,
मैसेज की भीड़ में ,
कभी-कभी अच्छे ,
मैसेज भी छूट जाते है !!
मन नही मानता कि ,
दोस्तो पर कमेंट बंद करू !!
जी नही चाहता कि ,
नेट बंद करू !!
प्रात: सायं करते है ,
सब दोस्त नमस्कार !!
बिना स्वार्थ करते है ,
एक दूजे से प्यार !!
हर तीज त्यौहार पर ,
मिलता फूलो का उपहार !!
नेट बंद करने की ,
सोच है बेकार !!
दिल नही करता कि ,
दोस्तो की ये भेट बंद करू !!
जी नही चाहता कि ,
नेट बंद करू !!!!