यही हुनर है उस स्याही का
जो हर किसी की कलम में होती नहीं..!
Dil ke jazbaati lafzon ki ek mehfil ! | दिल के जज्बाती लफ्जो की एक महफ़िल !
यही हुनर है उस स्याही का
जो हर किसी की कलम में होती नहीं..!
हमें गुजारने को ज़िन्दगी थी बस एक बहाने कि जरुरत,
रास्ते में लोग गम देते गये और हमारी बसर होती गयी.
अभी हवा मन मुताबिक़ नही चल रही
सच का क्या है, सहूलियत से कह देंगे…
हमारे पास तो सिर्फ तेरी यादे है, जिंदगी तो उसे मुबारक हो, जिसके पास तू है ….
जाने कैसे उसने भुला दिये वो पल.,
जिनको अपनी ज़िन्दगी कहा करता था वो….
सुलझा रही हूँ एक एक करके सारी उलझनें,
जाने क्या होगा जब इश्क से सामना होगा ..!!!
तुझे भुलाने को एक पल चाहिए..
वो पल जिसे मौत कहते हैं लोग….
धड़कनों को थाम कर रखना..
क्यूकि अगर हम पास आ गये, तो तुम खुद को भुला दोगे…!!
एक ही समानता है पतंग औऱ जिंदगी में..
ऊँचाई में हो तब तक ही वाह-वाह होती है.
देखते हैं अब क्या मुकाम आता है हुज़ूर,
सूखे पत्ते को इश्क़ हुआ है बहती हवा से..