सो जायेगी कल

सो जायेगी कल लिपटकर,
तिरंगे के साथ अलमारी में…..
देशभक्ति है साहब,
तारीखों पर जागती है….

तर न हो..!

आता है जज्बे-दिल को वह अन्दाजे-मैकशी..
रिन्दों में रिन्द भी रहें, दामन भी तर न हो..!