आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की……!!
लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं,
कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछियों को,
याद वही आते है जो उड़ जाते है…!!
Tag: व्यंग्य
वक़्त से लड़कर
वक़्त से लड़कर जो
अपना नसीब बदल दे,इंसान वही जो अपनी तक़दीर बदल दे,कल होगा क्या,
कभी ना यह सोचो यारो,क्या पता कल
खुद वक़्त अपनी तस्वीर बदल दे.
मुँह मांगी कीमत
पूरी दुकान बिक जायेगी मुँह-मांगी कीमत पर,
जिस दिन दर्द-ए-दिल की दवा बाज़ार में आयेगी।
वक़्त दोहराता हैं
कौन कहता हैं वक़्त दोहराता हैं अपने आप को
अगर ये सच हैं तो मेरा
बचपन तो लौटाए कोई.
हमने कब कहा
हमने कब कहा….
हमारी हर बात समझो तुम
मग़र अपना समझकर…
कुछ तो मेरे हालात समझो
तुम…
ये दुनिया वाले भी
ये दुनिया वाले भी बडे
अजीब है…
दर्द आँखो से निकले तो ‘कायर’ कहते हैं…,
और बातों से निकले तो ‘शायर’ कहते है।
मेरा आईऩा भी
मेरा आईऩा भी अब
मेरी तरह पागल है,
आईना देखने जाऊं तो
नज़र आप आते है
TERE HUSN KI TAPISH
TERE HUSN KI TAPISH KAHI JALA NA DE MUJHE TU KAR
MOHABBAT MUJHE ZRA AAHISTA AAHISTA
हमें ये लगने लगता है
जब हमें ये लगने लगता है की वो हमें कभी नहीं मिल सकते…
तब ना जाने क्यों उनसे मोहब्बत और बढ़ने लगती है…
अपने लिए आदर कमाओ
अपने लिए आदर कमाओ,
आकर्षण नहीं …
इसकी अवधि अधिक
लंबी है॥