अलविदा कहते हुए

अलविदा कहते हुए जब मैंने
मांगी उससे कोई निशानी
वो मुस्कुरा के बोले मेरी जुदाई ही
काफ़ी हैं तुझे रुलाने के लिए..!!

तुम्हारे जाने के बाद

तुम्हारे जाने के बाद सुकून से

सो नहीं पाया कभी.

मेरी करवटों में रेगिस्तान सा

खालीपन पसरा रहता है

जब तुम पास होते हो तो कोई

शिकायत नहीं होती किसी से भी.

दो वक्त की रोटी

दो वक्त की रोटी मिलने के लिए भी कितनी किस्मत चाहिए।
कभी उनसे पूछो जिनको रोज रोटियां नही मिलती।

नज़र को नज़र की

नज़र को नज़र की खबर ना लगे कोई अच्छा भी इस कदर

ना लगे आपको देखा है बस उस नज़र से

जिस नज़र से आपको नज़र ना लगे…