मेला लग जायेगा
उस दिन शमशान में….
जिस दिन में चला
जाऊंगा आसमान में….!!
Dil ke jazbaati lafzon ki ek mehfil ! | दिल के जज्बाती लफ्जो की एक महफ़िल !
मेला लग जायेगा
उस दिन शमशान में….
जिस दिन में चला
जाऊंगा आसमान में….!!
सच को तमीज़ नहीं बात करने की..
जुठ को देखो कितना मीठा बोलता है ।
तुझे मोहोब्बत भी तेरी
औकात से ज्यादा की थी..
अब तो बात नफरत की है,
सोच तेरा क्या होगा !!
आदत मेरी अंधेरो से
डरने की डाल कर…
एक शख्स मेरी
जिंदगी को रात कर गया ।
एक दिल धड़कता है
तो दुजा समझता है..
इश्क़ मरता कहाँ है यारों….
ये तो दो टुकड़ों में जिया करता है….!!
मुझे लहज़े खफ़ा करते हैं तुम्हारे,
लफ़्जों के तो ख़ैर आदी है हम|
लोग आँसुओं से भी
पढ़ न ले उनका नाम ,
बस इसी कशमकश में
हमने रोना छोड़ दिया..!!
नज़दीकियाँ अब अख़रने लगी थी उन्हें…
कुछ यूँ भी मैंने फ़ासलों से दोस्ती कर ली|
यूँ रुलाया ना कर जिंदगी हर बात पर.,
जरूरी तो नहीं की….
हर किसी की किस्मत में चुप कराने वाला भी हो !!