अब तो उसको याद करना भी बड़ा मुश्किल है जनाब
कहकी है अच्छा नहीं लगता वक्त बे वक्त तुम याद करते हो|
Dil ke jazbaati lafzon ki ek mehfil ! | दिल के जज्बाती लफ्जो की एक महफ़िल !
अब तो उसको याद करना भी बड़ा मुश्किल है जनाब
कहकी है अच्छा नहीं लगता वक्त बे वक्त तुम याद करते हो|
ख़याले यार में नींद का तसव्वुर कैसा !
आँख लगी ही नहीँ… आँख लगी है जबसे !!
फासले और बना लो एतराज़ कब किया हमने
तुम भुला ना सकोगे वो अंदाज़ हूँ मैं….
अगर ये चाँद सूरज …. बीच में …… आये नहीं होते…
मिलन अब तक ज़मीं और आसमां का हो चुका होता…
हर फैसले होते नहीं सिक्के उछाल कर
यह दिल के मामले है.. जरा संभल कर|
तेरी चाहत तो मुक़द्दर है मिले न मिले
राहत ज़रूर मिल जाती है तुझे अपना सोच कर|
वो मोहब्बत भी तेरी थी, वो शरारत भी तेरी
थी….!!
अगर कुछ बेवफाई थी, तो वो बेवफाई भी
तेरी थी….!!
हम छोड़ गए तेरा शहर, तो वो हिदायत भी
तेरी
थी…!!
अगर करते तो किस्से करते तुम्हारी
शिकायत…!!
वो शहर भी तेरा था वो अदालत भी
तेरी थी..!!
कोई कीमत ना थी मेरी पर तूने थामकर
हाथ मेरा ,मुझे अनमोल कर दिया …!!!!
हमसे हमारी उम्र ना पूछना ए दोस्तो,
हम तो इश्क़ हैं, हमेशा ही जवां रहते हैं|
उनसे कहना की क़िस्मत पे ईतना नाज ना करे,
हमने बारिश में भी जलते हुए मकान देखें हैं !