शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में,
जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।
Category: लव शायरी
कोई सवाल करेगा
कोई सवाल करेगा तो क्या कहूँगा उसे,,बिछड़ने वाले, सबब तो बता जुदाई का
तेरी वफ़ा के खातिर
तेरी वफ़ा के खातिर ज़लील किया तेरे शहर
के लोगों ने.. इक तेरी कदर न होती तो
तेरा शहर जला देते..
ये न पूछ
ये न पूछ के शिकायतें कितनी है तुझसे
ये बता के तेरा और कोई सितम बाकी तो नहीं …!!!
समझा जिसे सिर्फ
समझा जिसे सिर्फ इक दिल का सौदा,
वो इश्क़ तो पूरा कारोबार निकला ।।
लाजमी नही है
लाजमी नही है की हर किसी को मौत ही छूकर निकले “”
किसी किसी को छूकर जिंदगी भी निकल जाती है ||
मेरी गुमशुदगी की
मेरी गुमशुदगी की जब तफ्शीश हुई,
मैं बरामद हुआ उनके ख्यालों में…
एक तज़ुर्बा है
हर एक लकीर एक तज़ुर्बा है जनाब .. ..
झुर्रियाँ चेहरों पर यूँ ही आया नहीं करती !!
कितने खुबसूरत हुआ
कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन….
के सिर्फ दो उंगलिया जुडने से दोस्ती फिर शुरू हो
जाती थी….
ये मशवरा है
ये मशवरा है की पत्थर बना के रख दिल को।
ये आइना ही रहा तो जरूर टूटेगा।।